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चीन की एक मशहूर कहावत है, ‘एक बच्चे को पालने में पूरे गांव को लगना पड़ता है.’ खेल के मैदान पर अक्सर इस कहावत की मिसाल पेश की जाती है. अंडर-19 वर्ल्ड चैंपियन वैभव सूर्यवंशी की कामयाबी के लिए भी ये मिसाल उतनी ही सटीक नजर आती है. बिहार क्रिकेट में ये एक कमाल का इत्तिफ़ाक भी हुआ है कि 14 साल के जीनियस क्रिकटर वैभव सूर्यवंशी ने जैसे-जैसे पिछले तीन-चार साल में कामयाबी की सीढ़ियां चढ़ीं उसी दौरान बिहार क्रिकेट संघ के कामकाज, टूर्नामेंट और बिहार की टीमों का संवरना भी शुरू हुआ.
वैभव समेत तीन खिलाड़ी IPL में
NDTV से बात करते हुए बिहार क्रिकेट संघ के पूर्व अध्यक्ष राकेश तिवारी कहते हैं, ‘वैभव का चमकना इत्तिफ़ाक नहीं है. उसमें ईश्वरीय गुण है और वो एक जीनियस है. हमारे लिए गर्व की बात रही कि हम उसे सही वक्त पर पहचान पाये और उसे आगे बढ़ाने के लिए हर संभव कोशिश भी की. आप देखें, बिहार की टीमें मुश्ताक अली, विजय हजारे और रणजी -सभी लेवल पर एलीट ग्रुप में शामिल हो गई गई है. अंडर-19 बिहार की टीम लगातार एलीट लेवल में खेल रही हैं. इन सबका फ़ायदा भी वैभव को मिला है.’
ऐसे बदला बिहार क्रिकेट – बदहाली से चढ़ते सूरज का वैभवशाली सफर, चमकने लगे हैं सूर्यवंशी समेत कई सितारे

पूर्व अध्यक्ष राकेश तिवारी ये भी कहते हैं, ‘वैभव समेत हमारे दूसरे खिलाड़ियों ने भी IPL में जगह बनानी शुरू कर दी है. वैभव सूर्यवंशी के अलावा साक़िब हुसैन और मो. इज़हार ने भी IPL में जगह बनाई है. आनेवाले वक्त में ये नंबर्स और बढ़ेंगे.’
IPL खेलेंगे बिहार के 145-150 किमी/घंटा रफ़्तार वाले गेंदबाज
IPL ऑक्शन में बिहार के साक़िब हुसैन को कोलकाता नाइटराइडर्स के बाद हैदराबाद टीम में जगह मिली है. उनके कोच सौरभ कुमार सिंह/सौरभ सिंह ‘राबिन’ कहते हैं, ’20 साल के साकिब हुसैन एक गरीब मज़दूर के बेटे हैं. उनमें कमाल का टैलेंट है. उन्होंने हाई परफ़ोरमेंट सेंटर बेंगलुरु में भी ट्रेनिंग ली है. वो 145 से 50 किलोमीटर/ घंटा की रफ़्तार से गेंद डालते हैं.’
