रांची – राजद के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी यादव रविवार को रांची में थे. कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद वे पहली बार रांची आये थे. जाहिर तौर पर उन्हें सुनने के लिए राजद कार्यकर्ता और नेता बेताब थे. ऐसा इसलिए भी कि अभी मौसम चुनावी नहीं है. लिहाजा, वे क्या बोलते हैं इस पर सभी की निगाहें थी. रविवार दोपहर लगभग तीन बजे उन्होंने बोलना शुरू किया. तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में वोट की लूट नहीं हुई होती तो आज बिहार में राजद का शासन होता. उन्होंने कहा कि एक करोड़ नब्बे लाख वोट राजद को मिले. लेकिन भाजपा के लोगों ने साजिश कर वोट की लूट कर ली. तेजस्वी यादव के इस बयान पर खूब तालियां बजीं.
सभी सीटों पर लड़ेंगे चुनाव
तेजस्वी यादव ने कहा कि झारखंड में अगला चुनाव अब 2029 में होगा. अभी वक्त है. हम अभी से तैयारी करें. अगली बार सभी सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेंगे. तेजस्वी यादव का इतना कहना था कि पूरा कार्यक्रम स्थल – तेजस्वी भईया जिंदाबाद, देखो देखो कौन आया, शेर आया आया के नारे से गूंजने लगा. तेजस्वी यादव इस बयान को बहुत हल्के में लेने की जरूरत नहीं है. दरअसल, 2024 के चुनाव के दौरान राजद को जिल्लत झेलनी पड़ी वह उन्हें याद होगा. वो होटल में बैठे रहे और इधर झामुमो और कांग्रेस ने सीटों का बंटवारा कर लिया. शायद, अपमान का यह घूंट तेजस्वी यादव को याद होगा. तभी उन्होंने कहा कि हमें ज्यादा सीटें मिलती तो हम ज्यादा जगहों पर जीतते. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी का पहला मकसद यह था कि भाजपा को सत्ता में आने से रोका जाये. और यह कार्यकर्ताओं की बदौलत संभव हो पाया. अगली बार के लिए उन्होंने कार्यकर्ताओं को तैयार रहने को कहा.
पार्टी के लिए दें एक घंटा
झारखंड में राजद कैसे चल रहा है, यह जानकारी तेजस्वी यादव के पास जरूर पहुंचती होगी. सुबह दस बजे से पांच बजे तक राजद कार्यालय का खुलना और रविवार को अवकाश. पार्टी अध्यक्ष संजय सिंह यादव का गेस्ट फेकेल्टी के रूप में दफ्तर आना और ज्यादा वक्त अपने विधानसभा क्षेत्र में देना. राजद के नेताओं की कार्यशैली. महंगी गाड़ियों पर राजद का झंडा और पार्टी के लिए वक्त के नाम पर सिर्फ सन्नाटा. पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष होने के नाते तेजस्वी यादव के पास यह जानकारी जरूर पहुंचती होगी. शायद इसलिए, तेजस्वी यादव ने भारी मन से अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं के सामने चिरौरी की. कहा – दिन – रात मिलाकर 24 घंटे होते हैं. आप सिर्फ एक घंटा पार्टी के लिए दीजिए. हम आपसे ज्यादा वक्त नहीं मांग रहे हैं. एक घंटा पार्टी को दीजिएगा तो हम आपको मान सम्मान देंगे. यह मेरी जिम्मेदारी है. जाहिर तौर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष का एसा कहना एक गंभीर मामला है.
आगे क्या
तेजस्वी यादव खुद लगभग पौने दो साल बाद रांची पहुंचे हैं. और जब बोलेन की बारी आयी तो बहुत ही साफगोई से विवादित चीजों से किनारा करके निकल गये. पहले खुद तेजस्वी यादव को यह बताना होगा कि झारखंड उनकी प्राथमिकता में है या नहीं. यदि है तो प्रभारी जयप्रकाश यादव को सबसे पहले प्रभारी पद से विदा करना होगा. वो गेस्ट फेकेल्टी के तौर पर रांची आते हैं. सुबह रांची आना दोपहर में बैठक और शाम में विदा हो जाना. यदि ऐसा ही चलता रहा तो राजद को झारखंड से ज्यादा उम्मीद नहीं रखनी चाहिए. तेजस्वी यादव को झारखंड में वक्त देना होगा. जिलों का दौरा करना होगा. कार्यकर्ताओं से मुलाकात करनी होगी. यदि ऐसा नहीं हुआ तो राजद ऐसे ही चलता रहेगा. झारखंड राजद का अध्यक्ष किसी ऐसे व्यक्ति को बनाना होगा जो पार्टी को पूरा वक्त दे पाये.